Up board class 10th Hindi model paper solution 2025-26// कक्षा 10वी हिंदी मॉडल पेपर साल्युशन
![]() |
| Up board class 10th Hindi paper solution |
मॉडल प्रश्न पत्र
सत्र 2025-26
कक्षा-10
विषय-हिन्दी
समय-3 घण्टे 15 मिनट पूर्णांक-70
_________________________________________
निर्देश-
(i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित है।
(ii) प्रश्नपत्र दो भाग खण्ड (अ) तथा खण्ड (ब) में विभाजित है।
(iii)) प्रश्नपत्र के खण्ड (अ) में बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिसमें सही विकल्प का चयन करके O.M.R शीट पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट पेन से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला करें।
(iv) खण्ड (अ) में बहुविकल्पीय प्रश्न हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए (01) अंक निर्धारित है।
(v) ओ०एम०आर० शीट पर उत्तर अंकित किये जाने के पश्चात उसे काटे नहीं तथा इरेजर (Eraser) एवं व्हाइटनर (Whitener) आदि का प्रयोग न करें ।
(vi) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिये गये हैं।
खण्ड 'अ'
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
प्रश्न-1 'दूसरा सप्तक' प्रकाशित हुआ- 01
(A) सन् 1943 ई०
(B) सन् 1951 ई0
(C) सन् 1959 ई0
(D) सन् 1979 ई0
उत्तर- (B) सन् 1951 ई0
प्रश्न-2 सुमित्रानन्दन पंत की रचना है- 01
(A) उर्वशी
(B) पल्लव
(C) साकेत
(D) कामायनी
उत्तर- (B) पल्लव
प्रश्न-3 'छायावाद' की मुख्य विशेषता है- 01
(A) प्रकृति का मानवीकरण
(B) युद्धों का वर्णन
(C) यथार्थ चित्रण
(D) भक्ति की प्रधानता
उत्तर- (A) प्रकृति का मानवीकरण
प्रश्न-4 मैथिलीशरण गुप्त किस युग से सम्बन्धित हैं- 01
(A) द्विवेदी युग
(B) शुक्ल युग
(C) छायावादी युग
(D) भारतेन्दु युग
उत्तर- (A) द्विवेदी युग
प्रश्न-5 केशव को 'कठिन काव्य का प्रेत' किसने कहा- 01
(A) रामचन्द्र शुक्ल
(B) ग्रियर्सन
(C) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(D) मिश्रबंधु
उत्तर- (A) रामचन्द्र शुक्ल
प्रश्न-6 'अजातशुत्र नाटक के नाटककार हैं- 01
(A) जयशंकर प्रसाद
(B) महादेवी वर्मा
(C) रामकुमार वर्मा
(D) सुमित्रानन्दन पंत
उत्तर- (A) जयशंकर प्रसाद
प्रश्न-7 इलाचन्द्र जोशी की कहानियों का विषय है- 01
(A) सामाजिक
(B) मनोवैज्ञानिक
(C) ऐतिहासिक
(D) राजनैतिक
उत्तर- (B) मनोवैज्ञानिक
प्रश्न-8 सन् 1918 से 1936 ई० तक का समय है- 01
(A) प्रेमचन्द्र युग
(B) शुक्ल युग
(C) प्रसाद युग
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (D) उपर्युक्त सभी
प्रश्न-9 मिलान कीजिए- 01
(1) मैला आंचल. (क) प्रेमचन्द्र
(ii) चित्रलेखा. (ख) फणीश्वर नाथ 'रेण
(iii) उसने कहा था. (ग) भगवती चरण वर्मा
(iv) कफन. (घ) चन्द्र बर शर्मा गुलेरी
(i). (ii) (iii) (iv)
A . ख ग घ क
B. ख क ख घ
C. क ख ग घ
D. ग घ क ख
उत्तर- A
प्रश्न-10 निम्नलिखित में से उपन्यास है- 01
(i) सेवासदन
(ii) विराटा की पद्मिनी
(iii) कफन
(iv) चित्रलेखा
उत्तर- (iii) कफन
प्रश्न-11 करूण रस का स्थायी भाव है- 01
(A) रति
(B) हास
(C) शोक
(D) निर्वेद
उत्तर- (C) शोक
प्रश्न 12 सोहत ओढ़े पीत पट श्याम सलोने गात।
मनो नीलमणि शैल पर आतप पर्यो प्रभातं ।।
उपर्युक्त पक्तियों में कौन सा अलंकार है- 01
(A) उपना अंलकार
(B) उत्प्रेक्षा अंलकार
(C) रूपक अंलकार
(D) श्लेष अंलकार
उत्तर- (B) उत्प्रेक्षा अंलकार
प्रश्न-13 यह एक सममात्रिक छंद है, इसमें चार चरण होते हैं, प्रत्येक चरण में 11-13 के विराम से 24 मात्राएँ होती है। किस छंद का लक्षण है। 01
(A) सोरठा
(B) रोला
(C) चौपाई
(D) दोहा
उत्तर- (B) रोला
प्रश्न-14 प्रहार शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग किया गया है- 01
(A) प्र
(B) आ
(C) निर्
(D) पर्
उत्तर- (A) प्र
प्रश्न-15 पंचतंत्र में कौन सा समास है- 01
(A) कर्मधारय
(B) द्विगु
(C) तत्पुरुष
(D) इन्द्र
उत्तर- (B) द्विगु
प्रश्न-16 अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं- 01
(A) दो
(B) पाँच
(C) छः
(D) आठ
उत्तर- (D) आठ
प्रश्न-17 आँसू का तत्सम रूप है- 01
(A) रोना
(B) आँख
(C) अंशु
(D) अश्रु
उत्तर- (D) अश्रु
प्रश्न-18 'कर्मवाच्य' में प्रधानता होती है- 01
(A) 'कर्ता' की प्रधानता
(B) 'भाव' की प्रधानता
(C) 'कर्म' की प्रधानता
(D) इनमें से कोई नही।
उत्तर- (C) 'कर्म' की प्रधानता
प्रश्न-19 'ताभ्य' शब्द में वचन और विभक्ति है- 01
(A) षष्ठी विभक्ति एकवचन
(B) सप्तमी विभक्ति द्विवचन
(C) षष्ठी विभक्ति बहुवचन
(D) चतुर्थी विभक्ति बहुवचन
उत्तर- (C) षष्ठी विभक्ति बहुवचन
प्रश्न-20 निम्नलिखित शब्दों में सर्वनाम है- 01
(A) मनुष्य
(B) बचपन
(C) कोई
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (C) कोई
खण्ड 'ब'
वर्णनात्मक प्रश्न
प्रश्न-1 निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों का उत्तर दीजिए: 3X2-6
भिन्न-भिन्न धर्मों के मानने वाले भी, जो सारी दुनिया के सभी देशों में बसे हुए है, यहाँ भी थोड़ी-थोड़ी संख्या में पाये जाते हैं और जिस तरह यहाँ की बोलियों की गिनती आसान नही उसी तरह यहाँ भिन्न-भिन्न धर्मों के सम्प्रदायों की भी गिनती आसान नही। इन विभिन्नताओं को देखकर अगर अपरिचित आदमी घबराकर कह उठे कि यह एक देश नहीं, अनेक देशों का एक समूह है; यह एक जाति नही, अनेक जातियों का एक समूह है तो इसमें आश्चर्य की बात नही। क्योंकि ऊपर से देखने वाले को, जो गहराई में नहीं जाता, विभिन्नता ही देखने में आयेगी।
(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए?
(ii) लेखक ने भारतीय संस्कृति को अनेक देशों का समूह क्यों कहा है?
(iii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए?
अथवा
हिन्दी में प्रगतिशील साहित्य का निर्माण हो रहा है। उसके निर्माता यह समझ रहे हैं कि उनके साहित्य में भविष्य का गौरव निहित है। पर कुछ ही समय के बाद उनका यह साहित्य भी अतीत का स्मारक हो जायेगा। और आज जो तरूण हैं, वहीं वृद्ध होकर अतीत के गौरव का स्वप्न देखेंगे। उनके स्थान में तरूणों का फिर दूसरा दल आयेगा, जो भविष्य का स्वप्न देखेगा। दोनों के ही स्वप्न सुखद होते हैं, क्योंकि दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए?
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए?
(iii) प्रस्तुत गद्यांश में प्रगतिशीलता का क्या अर्थ है?
प्रश्न 2 निम्नालिखित पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 3X2-6
मोर-पखा सिर ऊपर राखिहौं,गुंज की माल गरे पहिरौगी
ओढ़ पीताम्बर लै लकुटी,वन गोधन ग्वारन संग फिरौगी ।। भावतो सोहि मेरो रसबान, सो तेरे कहें सव स्वांग करौगी। या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौगी ।।
(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए?
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए?
(iii) कृष्ण के वियोग में व्याकुल गोपियों ने कृष्ण की किन लीलाओं का अनुकरण करना चाहा है?
अथवा
ऊधौ मोहि ब्रज विसरत नाही।
वृन्दावन गोकुल वन उपवन सघन कुंज की छाही ।।
प्रात समय जसुमति अरू नंद देखि सुख पावत।
माखन रोटी दह्यो सजायौ, अति हित साथ खवावत ।।
गोपी ग्वाल बाल संग खेलत, सब दिन हंसत सिरात ।
सूरदास धनि धनि ब्रजवासी, जिनसो हित जदुनाथ ।।
(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए?
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए?
(iii) श्रीकृष्ण को ब्रज की कौन-कौन सी बातें विस्मृत नहीं होती है?
प्रश्न-3 दिए गये संस्कृत गद्यांश मे से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिएः। 2+3=5
इयं नगरी विविध धर्माणां संगम स्थली। महात्मा बुद्ध तीर्थकर पार्श्वनाथ शंकराचार्यः कबीरः गोस्वामी तुलसीदासः अन्ये च वहवः महात्माः अत्रागत्य स्वीयान विचारान् प्रासारयान। न केवलं दर्शने साहित्ये धर्मे अपितु कलाक्षेनडपि इयं नगरी विविधानां कलानां शिल्यानाच्च कृत लोके विश्रुता। अत्रव्यः कौशेया शटिकाः देशे देशे सर्वत्र स्पृहान्ते।
अथवा
अस्मांक संस्कृतिः सदा गतिशीला वर्तते। मानव जीवनं संस्कृर्तुम एषा यथासमयं नवां नवां विचारधारां स्वीकरोति, नवां शक्ति च प्राप्नोति। अत्र दुराग्रहः नास्ति यत् युक्तियुक्तं कल्याणकारि च तदत्र सहर्ष गृहीत भवति। एतस्याः गतिशीलतायाः रहस्यं मानव जीवनस्य शाश्वतमूल्येषु निहितम् तद यथा सत्यस्य प्रतिष्ठा सर्वभूतेषु समभावः विचारेषु औदार्यम् आचारे दृढ़ता चेति।
प्रश्न-4 दिये गये संस्कृत पद्यांश में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिएः 2+3=5
माता गुरूतरा भूमेः खात् पितोच्चतरस्तथा।
मनः शीघ्रतरं वातात् चिन्ता बहुतरी तृणात् ।।
अथवा
अपदो दूरगामी च साक्षरो न च पण्डितः।
अमुखः स्फुटवक्ता च यो जानाति स पण्डितः ।।
प्रश्न-5 अपने पठित खण्डकाव्य के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर दीजिए:(शब्द सीमा अधिकतम-80 शब्द) 3X1=1
क (i) 'मुक्ति दूत' खण्डकाव्य के आधार पर गाँधी जी का चरित्र चित्रण कीजिए ?
अथवा
(ii) 'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के चतुर्थ सर्ग का कथानक अपने शब्दों में लिखिए?
ख-(i) 'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए?
अथवा
(ii) 'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर जवाहर लाल नेहरू का चरित्र चित्रण कीजिए ?
ग-(i) 'मेवाड़-मुकुट' खण्डकाव्य के द्वितीय सर्ग 'लक्ष्मी' का सारांश लिखिए?
अथवा
(ii) 'मेवाड़ मुकुट' खण्डकाव्य के आधार पर 'दौलत' का चरित्र चित्रण कीजिए ?
घ-(i) अग्रपूजा' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए?
अथवा
(ii) 'अग्रपूजा' खण्डकाव्य के आधार पर 'युधिष्ठिर' का चरित्रांकन कीजिए ?
ङ-(i) 'जय सुभाष' खण्डकाव्य के आधार पर 'नायक' का चरित्र चित्रण कीजिए ?
अथवा
(ii) 'जय सुभाष' खण्डकाव्य के प्रथम सर्ग का कथानक लिखिए?
च-(i) 'मातृभूमि के लिए' खण्डकाव्य के 'संकल्प' सर्ग का सारांश लिखिए?
अथवा
(ii) 'मातृभूमि के लिए खण्डकाव्य के आधार पर 'चन्द्रशेखर आजाद' का चरित्र चित्रण कीजिए ?
छ- (i) 'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर द्यूत सभा में 'द्रोपदी' सर्ग का सारांश लिखिए?
अथवा
(ii) 'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर 'श्रीकृष्ण' का चरित्र-चित्रण कीजिए?
ज- (i) 'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर 'कैकेयी' का चरित्र चित्रण कीजिए?
अथवा
(ii) 'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के 'आगमन सर्ग' की कथावस्तु लिखिए?
झ- (i) तुमुल खण्डकाव्य के आधार पर 'लक्ष्मण' का चरित्र चित्रण कीजिए?
अथवा
(ii) 'तुमुल' खण्डकाव्य के राम मिलन और सौमित्र का उपचार सर्ग की कथा संक्षेप में लिखिए?
प्रश्न-6 (क) दिये गए लेखकों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए: (शब्द सीमा अधिकतम-80 शब्द) 3+2=5
(i) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद
(ii) रामधारी सिंह 'दिनकर'
(iii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
(ख) दिये गये कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए: (शब्द सीमा अधिकतम-80 शब्द) 3+2=5
(i) बिहारीलाल
(ii) सूरदास
(iii) मैथिलीशरण गुप्त
प्रश्न-7 अपनी पाठ्य पुस्तक से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्नपत्र में न आया हो? 02
प्रश्न-8 निम्नलिखित में से किन्ही दों प्रश्नों का उत्तर संस्कृत में दीजिए: 1+1=2
(i) भारतीय संस्कृत मूल किम् अस्ति?
(ii) का संस्कृतिः सदा गतिशीला वर्तते?
(iii) पुरूराजः केन सह युद्धम् अकरोत?
(iv) चन्द्रशेखरः कः आसीत्?
प्रश्न-9 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिएः(शब्द सीमा अधिकतम-200 शब्द) 1+6=7
(i) पर्यावरण प्रदूषण
(ii) विज्ञान : अभिशाप या वरदान
(iii) यातायात के नियम
(iv) जनसंख्या: लाभ या हानि।
उत्तर- यातायात के नियम-
(1) प्रस्तावना,
(2) नियमों व उपनियमों का विधान,
(3) नियमों को उपादेयता.
(4) यातायात पुलिस की व्यवस्था,
(5) महानगरों की गम्भीर समस्या,
(6) सार्वभौमिक नियम,
(7) उपसंहार
यातायात नियमों की दैनिक जीवन में उपयोगिता
अन्य सम्बन्धित शीर्षक सड़क मार्ग के नियम • परिवहन के दौरान सावधानियाँ • सड़क यातायात व परिवहन।
[रूपरेखा - (1) प्रस्तावना, (2) नियमों व उपनियमों का विधान, (3) नियमों को उपादेयता. (4) यातायात पुलिस की व्यवस्था, (5) महानगरों की गम्भीर समस्या, (6) सार्वभौमिक नियम, (7) उपसंहार]
प्रस्तावना- सभ्य समाज के सामाजिक जीवन का आधार है-नियमबद्धता। आवागमन के तीव्र व आधुनिक साधनों के सुव्यवस्थित संचालन के परिप्रेक्ष्य में यह नियमबद्धता एक अनिवार्यता का रूप धारण कर लेती है। छोटे-बड़े मार्गों पर नानाविध रूपों में यातायात व परिवहन के विभिन्न साधनों को दौड़ते हुए देखा जा सकता है।
नियमों व उपनियमों का विधान—प्रत्येक राष्ट्र की सरकार इस आवागमन को सुचारु रखने के लिए अनेक नियम व उपनियमों को अधिनियमों के द्वारा लागू करती है। यदि इन नियमों की अवहेलना की जाती है या इन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है तो दुर्घटना होने की आशंका बलवती हो जाती है। कहावत भी है कि 'सावधानी हटी और दुर्घटना घटी।
नियमों की उपादेयता-वास्तव में यातायात के आवागमन के नियमों का प्रणयन हमारी सहूलियत के लिए हो किया गया है; अतः सड़क के नियमों को उचित ढंग से लागू करना और तदनुरूप उनका अनुसरण करना हमारे व समाज के हित में ही है। सड़कों पर ट्रक, बस, टैम्पो, स्कूटर, रिक्शे व पैदल यात्री चलते हैं। नियमों का पालन करने के कारण ही ये सब एक साथ मार्गों पर आ-जा सकते हैं। जब भी नियमों की अवहेलना की जाती है तब ही कोई बड़ा हादसा हमारी आँखों के सामने सड़क दुर्घटना के रूप में हो जाता है।
यातायात पुलिस की व्यवस्था -यातायात के नियमों को लागू करवाने तथा वाहनों की गति को नियन्त्रण में रखने के लिए यातायात पुलिस की व्यवस्था होती है। प्रत्येक बड़े और व्यस्त चौराहे पर गोल चक्कर के रूप में बना ट्रैफिक आइलैण्ड' होता है जिस पर खड़े होकर यातायात पुलिस का सिपाही आने-जाने वाले राहगीरों व वाहनों को विभिन्न प्रकार के संकेत देता है। इन संकेतों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व होता है। साधनों में वैज्ञानिक क्रान्ति के कारण अब इन चौराहों पर बिजली की रंगीन लाइटों को भी प्रयोग किया जाने लगा है। लाल लाइट का संकेत रुकने के लिए, पीली लाइट का तैयार होने के लिए तथा हरी लाइट का संकेत जाने के लिए होता है।
महानगरों की गम्भीर समस्या–महानगरों में यातायात का सुगम संचालन एक गम्भीर समस्या का रूप धारण करता जा रहा है, सुरसा के मुँह के समान इसकी विकरालता बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में सड़क पर चलने के नियमों का अनुपालन करना और भी अधिक अपरिहार्य हो गया है।
सार्वभौमिक नियम-पदयात्रियों को सदैव सड़क के किनारे पर चलना चाहिए तथा जहाँ तक सम्भव हो, एकसमान गति से चलना चाहिए। वाहनों के हार्न को आवश्यकता पड़ने पर ही प्रयोग करना चाहिए, बार-बार इसके इस्तेमाल से ध्वनि-प्रदूषण की समस्या पैदा होने लगती है। आगे के वाहन को 'ओवरटेक' करते समय सदैव दाहिनी ओर से आगे निकलना चाहिए। सामान्य रूप से वाहन को सड़क के बायीं ओर या मध्य में चलाना चाहिए। दाहिनी दिशा सामने से आने वाले वाहन के लिए खाली छोड़ देनी चाहिए। घुमावदार मोड़ पर वाहन की गति को अपेक्षाकृत रूप से कुछ कम कर लेना चाहिए।
उपसंहार - वाहन हमारे जीवन का एक आवश्यक उपागम बन चुका है और सड़क पर चलना, वो भी तीव्र गति से दौड़ना, अब हमारी नियति बन चुकी है; अतः इस तेज दौड़ती धमा चौकड़ी में गन्तव्य तक सही सलामत पहुँचने के लिए यातायात के नियमों का समवेत रूप से पालन करना परम आवश्यक है।
प्रश्न-10 उत्तर मध्य रेलवे को एक ऐसा शिकायती पत्र लिखिए जिसमें ट्रेन में साफ- सफाई और सुविधाएँ न उपलब्ध होने का उल्लेख हो?1+3=4
अथवा
अपनी रूचियों का उल्लेख करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए?

Post a Comment